आईएमएफ ने भारत की जीडीपी ग्रोथ दर का अनुमान बढ़ाया -वर्ल्ड बैंक भी साधे सहमति सुर, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ अपनी गति से विश्व विजेता बनने की दिशा में अग्रसर
भारत : वैश्विक अर्थव्यवस्था का ‘विजेता’ और युवा प्रतिभा की ताकत
‘ट्रंप टैरिफ’ की चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व, विशाल युवा आबादी और भारत की प्रगति का प्रेरक सफर

वैश्विक कारोबार के बदलते परिदृश्य में आज भारत हर तरफ से चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती और अनोखी पहचान को स्थापित कर रहा है। विश्व की प्रमुख रिपोर्टों ने इस बार साफ तौर पर माना है कि ट्रंप टैरिफ जैसी नीतिगत अड़चनें भारत के आर्थिक विकास पर सीमित असर डाल सकी हैं। इसके विपरीत, भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार और ऊर्जा को बरकरार रखते हुए दुनिया के सामने अपने ‘विजेता’ बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
भारत की मुख्य ताकत : विशाल युवा आबादी
भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला देश है। विश्व रैंकिंग के अनुसार, भारत लगभग 65% युवा जनसंख्या के साथ सबसे आगे है। इस युवा वर्ग की ऊर्जा, नवाचारशीलता और जोखिम उठाने की क्षमता ने हाल के वर्षों में देश को न सिर्फ तेजी से विकसित किया है, बल्कि नया भारत वैश्विक मंच पर ‘युवाशक्ति’ का प्रतीक बन गया है। यह युवा समूह स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में नित नई ऊंचाइयां छू रहा है, जिसे आने वाले वर्षों में पूरी दुनिया अपना रोल मॉडल मानेगी।

स्टार्टअप्स और प्रतिभा : भारत का भविष्य
इसी ताकत के सहारे, भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप अर्थव्यवस्था बन गया है। भारतीय युवाओं की विभिन्न क्षेत्रों में
विवेकशीलता, तकनीकी कौशल और नवाचारी सोच आज वैश्विक निवेशकों को भारत की ओर आकर्षित कर रही है। देश में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे रोजगार, निवेश और विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। भारत के प्रतिभावान युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे अगले दशक में देश को तकनीकी और कारोबारी लीडर बना सकते हैं।
मोदी नेतृत्व : आत्मविश्वास और निर्णायक नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी लचीला और निर्णायक दृष्टिकोण अपनाया। आर्थिक सुधारों, जीएसटी संशोधन, डिजिटल इंडिया अभियान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने भारत को नई आर्थिक शक्ति दी है। मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व ने नीति-सुधारों को जमीन पर लागू कर युवा वर्ग को प्रेरित किया। भारत की नीति अब निवेश, नवाचार और समावेशी विकास की ओर केंद्रित है, जिससे हर नागरिक लाभान्वित हो रहा है।
नीतिगत सुधारों और नई ऊर्जा का दौर
भारत में हाल ही में जीएसटी सुधार के बाद घरेलू मांग में उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली है। कारोबारियों के लिए कर्ज और वित्तीय सुविधा, आधारभूत ढांचों का विकास, डिजिटल मार्केटिंग और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सहूलियत ने स्थानीय उद्योगों को भी विश्वस्तरीय पहचान दिलाई है। सरकार की ओर से स्टार्टअप्स, Make in India, और Vocal for Local अभियान ने देश को आत्मनिर्भर बनने की राह पर अग्रसर किया है।
भारत : विश्व विजेता की ओर
अंतराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान मुंबई विश्विद्यालय के एलुमनाई एवं देश के युवा डेवलपमेंट प्रैक्टिशनर एवं पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी का मानना है कि जब विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी पड़ रही हैं, तब भारत अपनी युवा आबादी, तकनीकी उत्कृष्टता और कुशल नेतृत्व की बदौलत प्रगति कर रहा है। भारत का विजेता बनने का सफर केवल आर्थिक संकेतकों तक सीमित नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता, सामाजिक सहयोग और नीति-निर्माण के व्यवहारिक उदाहरण तक फैला हुआ है। आने वाले वर्षों में भारत अपनी क्षमता, नीति-जागरूकता और युवाशक्ति से वैश्विक नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ेगा।
भारत की यही शक्ति, आत्मविश्वास और ऊर्जा उसे हर वैश्विक मोर्चे पर ‘विश्व विजेता’ के रूप में आगे बढ़ने का साहस और सामर्थ्य देती है। आने वाले समय में, भारतीय युवाओं का जुझारूपन, प्रधानमंत्री मोदी का मजबूत नेतृत्व और देश की अनूठी सामाजिक-आर्थिक संरचना संयुक्त रूप से भारत की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।










