काशी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य, छठ गीतों से भक्तिमय हुआ इलाका
अक्टूबर 28, 2025,
जिला सावंदाता विवेक सिनहा
पूर्वांचल 24*7 न्यूज़
वाराणसी उत्तरप्रदेश
वाराणसी विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट सहित काशी के सभी 84 घाटों पर सोमवार को आस्था का अनूठा नज़ारा देखने को मिला। दूर-दूर से पहुंची छठ व्रत करने वाली महिलाओं ने भोर में उदयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए छठ मैया से प्रार्थना की।
भोर से घाटों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कई महिलाएं दंडवत यात्रा करते हुए घाटों तक पहुंची और मां गंगा की गोद में खड़े होकर भोर की प्रतीक्षा करती रहीं। जैसे ही सुबह भगवान भास्कर की पहली किरण गंगा की लहरों पर पड़ी, पूरा वातावरण “हर हर महादेव”, “जय छठी मैया” और “जय सूर्य देव” के जयकारों से गूंज उठा
बादलों के बीच से कुछ देर के लिए उदय होकर सूर्य देव ने छठ व्रतियों का व्रत पूर्ण कराया।

नाविक समाज भी लगातार अपने नावों के साथ मुस्तैद रहा ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न होने पाए। जल पुलिस द्वारा लगातार लोगों को गहरे पानी से दूर रहने की सलाह दी जाती रही क्योंकि इस बार गंगा का जलस्तर सामान्य से अधिक रहा।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन, स्वयंसेवी संगठनों और घाटों पर तैनात सफाईकर्मियों ने व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम, लाइट और बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था की गई थी। आस्था, अनुशासन और सहयोग का यह अद्भुत संगम काशी की पहचान को एक बार फिर जगमग कर गया।आज का महोत्सव सहपरिवार मछोदरी स्थित गायघाट पर अखिल भारतीय हमारा समाज पार्टी के महानगर अध्यक्ष वैश्य श्री अरविंद गुप्ता अपने परिवार व मित्रगढ़ व क्षेत्रवासीयों के साथ उगते हुए सूर्य देवता को पुत्र की लंबी आयु की कामना लिए आराधना किए










