शोक सभा सभा आयोजित कर दी गई, श्रद्धांजलि
संस्था के संस्थापक सदस्य की माताजी की याद में नम हुईं आंखें
शाहगंज। नगर में स्थित मदर निसा फाउंडेशन के कार्यालय में एक बेहद भावुक और हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक सदस्य राजकुमार “अश्क” की माताजी की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मातृत्व, त्याग और संघर्ष की ऐसी यादों को साझा किया, जिसने पूरे वातावरण को गहन भावुकता से भर दिया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं और हर किसी के मन में मां के प्रति अपार सम्मान और श्रद्धा की भावना उमड़ पड़ी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संयोजक फैजान अहमद ने की। श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत माताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। जैसे ही उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के फूल अर्पित किए, कार्यालय परिसर में एक गहरी खामोशी छा गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सभी लोग उस महान मां के चरणों में खड़े होकर उनके आशीर्वाद का अनुभव कर रहे हों।

इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य जेया अनवर ने भावुक शब्दों में माताजी के जीवन को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष और त्याग की अद्भुत मिसाल रहा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अकेले अपने बेटे राजकुमार “अश्क” को पढ़ा-लिखाकर जीवन में आगे बढ़ाया और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसी माताओं का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है।
वहीं राजीव सिंह ने पुष्प अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि राजकुमार “अश्क” वास्तव में सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें ऐसी मां का स्नेह और आशीर्वाद मिला, जिनके आंचल में प्रेम, त्याग और बलिदान तीनों समाए हुए थे। उन्होंने कहा कि एक मां का स्नेह ही वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी संतान को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

सभा का सबसे मार्मिक क्षण उस समय आया जब संस्था के संयोजक फैजान अहमद अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। उनकी आवाज भावुक हो उठी और आंखें नम हो गईं। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा कि उनका बचपन माताजी के स्नेह और ममता की छांव में बीता। उन्होंने बताया कि माताजी की एक सीख आज भी उनके जीवन का मार्गदर्शन करती है— “बेटा, तुम्हारा हाथ जब भी उठे, तो लोगों की भलाई के लिए ही उठे।”
फैजान अहमद ने कहा कि शायद माताजी की वही दुआएं और आशीर्वाद हैं, जिनकी वजह से आज संस्था समाज के जरूरतमंद और मजलूम लोगों की सेवा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि माताजी की याद उन्हें और अधिक मजबूती देती है कि सेवा और इंसानियत के रास्ते पर हमेशा आगे बढ़ते रहें।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके बताए हुए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मिलन जायसवाल, रिजवान अहमद, एडवोकेट इकबाल अहमद, फुरकान खान, संजय यादव, गुफरान अहमद, राजकुमार अश्क, करन पार्थ,राजीव सिंह, सतीश गौतम, उमेंद्र पांडे, डॉ. काशिफ दानिश, अब्दुल्ला, अली रिजवान, कफील अहमद सहित संस्था के कई सदस्य और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह एक मां के संघर्ष, त्याग और आदर्शों को स्मरण करने का भावुक क्षण बन गई। माताजी की यादों ने सभी को यह एहसास कराया कि एक सच्ची मां का आशीर्वाद ही वह शक्ति है, जो जीवन की हर कठिनाई में इंसान को संभालकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
सभा के अंत में सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके द्वारा दिए गए संस्कार एवं संदेश सदैव हम सबको प्रेरित करते












