पब्लिक एप’ के नाम पर आया संदिग्ध कॉल, सतर्कता से बचा संभावित साइबर फ्रॉड
शाहगंज/जौनपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को मेरे साथ भी एक संदिग्ध घटना घटी, जिसने डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। एक अनजान नंबर से मेरे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम “निधि” बताते हुए कहा कि वह “पब्लिक एप” से बोल रही है।

महिला ने मुझसे पूछा कि क्या मैं पब्लिक एप पर वीडियो अपलोड करता हूं। मेरे ‘हां’ कहने पर उसने अगला सवाल किया कि क्या मैं अपने खुद के यूट्यूब चैनल के वीडियो भी वहां अपलोड करता हूं। इस पर भी मैंने हां में जवाब दिया।
इसके बाद महिला ने मुझसे मेरे यूट्यूब चैनल का लिंक उपलब्ध कराने को कहा। उसने कहा कि वह मेरे चैनल को पब्लिक एप से लिंक कर देगी, जिससे मेरे वीडियो पर ज्यादा व्यूज आएंगे और सब्सक्राइबर भी तेजी से बढ़ेंगे।

शुरुआत में यह बातचीत सामान्य लगी, लेकिन जैसे ही उसने चैनल लिंक साझा करने का दबाव बनाया, मुझे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। साइबर ठगी की लगातार सामने आ रही घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मैंने सतर्कता दिखाई और बिना कोई जानकारी साझा किए तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दिया।
इस घटना के बाद मन में यह सवाल उठा कि कहीं यह साइबर फ्रॉड का कोई नया तरीका तो नहीं, जिसमें लोगों को व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ाने का लालच देकर उनकी डिजिटल जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती हो।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान कॉलर को अपने सोशल मीडिया या यूट्यूब चैनल की जानकारी देने से पहले उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही डिजिटल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
मेरी सभी कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील है कि इस तरह के संदिग्ध कॉल्स से सतर्क रहें और किसी भी लालच में आकर अपनी जानकारी साझा न करें। समय रहते दिखाई गई सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।








