शाहगंज तहसील में बदहाल हरियाली और पेयजल व्यवस्था
सूखते पौधे, टूटे गमले और दुर्गंधयुक्त पानी स्थल से परेशान अधिवक्ता व आमजन

शाहगंज जौनपुर। शाहगंज तहसील में प्रशासनिक कार्यालयों एवं विभिन्न न्यायालयों के सामने सुन्दरता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाए गए पौधे अब उपेक्षा का शिकार होते दिखाई दे रहे हैं। परिसर में कई स्थानों पर पौधे सूख चुके हैं, गमले टूटे पड़े हैं तथा नियमित सिंचाई और रखरखाव के अभाव में हरियाली समाप्त होती नजर आ रही है। इससे सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे स्वच्छता एवं हरित अभियान की जमीनी स्थिति पर प्रश्न उठ रहे हैं।


तहसील परिसर में आम नागरिकों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के लिए स्थापित पेयजल टंकियां, आरओ प्लांट तथा पानी की अन्य व्यवस्थाएं भी बदहाल स्थिति में हैं। कई स्थानों पर पानी स्थल के आसपास गंदगी एवं दुर्गंध की शिकायत है, जिसके कारण लोग वहां से पानी लेने से बचते हैं।


भीषण गर्मी के बीच तहसील आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय अधिवक्ताओं एवं नागरिकों का कहना है कि समय-समय पर अधिकारी निरीक्षण और फोटो सेशन तो करते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।

लोगों का आरोप है कि हरियाली और जनसुविधाओं पर खर्च होने के बावजूद उनकी नियमित देखरेख नहीं हो पा रही है।
नागरिकों ने मांग की है कि तहसील परिसर में सूख रहे पौधों की तत्काल देखभाल कराई जाए, टूटे गमलों को बदला जाए तथा पेयजल और आरओ व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए, ताकि परिसर में आने वाले लोगों को राहत मिल सके और सरकारी संस्थानों की गरिमा बनी रहे।








